July 18, 2026

Raigarh नाबालिग लड़की को दूसरी बार भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार,जूटमिल पुलिस ने की कार्रवाई

IMG_20260718_153835

Oplus_131072

Share

Samna.in.Raigarh Crime News जूटमिल पुलिस ने नाबालिग किशोरी को दो बार बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर अपहरण के दोनों मामलों में प्रभावी कार्रवाई की है।

15 वर्षीय बालिका के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी 30 जून से बिना बताए घर से कहीं चली गई है। रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 361/2026, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश शुरू की गई।

       पतासाजी के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बालिका अनुज स्वर्णकार (18 वर्ष) के घर पर है। इस पर जूटमिल पुलिस ने दबिश देकर बालिका को सकुशल दस्तयाब किया। आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गया था। बालिका का महिला पुलिस अधिकारी द्वारा कथन दर्ज कराया गया तथा बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष काउंसलिंग के बाद उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बालिका के कथन एवं मेडिकल रिपोर्ट साक्ष्य अनुरूप में प्रकरण में धारा 65(1)(ड) BNS और 4, 6 पॉक्सो एक्ट विस्तारित पुलिस लगातार फरार आरोपी की तलाश में जुटी रही।

          इसी बीच 13 जुलाई को बालिका पुनः लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर थाना जूटमिल में फिर अपराध क्रमांक 380/2026, धारा 137(2) BNS के तहत एक और मामला दर्ज कर तत्काल खोजबीन शुरू की गई।

पतासाजी के दौरान  पुलिस ने केवड़ाबाड़ी स्थित निकले महादेव मंदिर के पास से आरोपी अनुज स्वर्णकार के साथ बालिका को सकुशल दस्तयाब किया। पूछताछ में बालिका ने बताया कि वह 13 जुलाई को आरोपी के साथ ट्रेन से बिलासपुर चली गई थी, जहां दोनों एक दिन रेलवे स्टेशन पर रुके और अगले दिन ट्रेन से वापस रायगढ़ लौट आए।

         बालिका को आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूर्ण कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया। जूटमिल पुलिस ने आरोपी अनुज स्वर्णकार (18 वर्ष) को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत रिमांड पर भेजा गया  है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश – नाबालिग बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाना गंभीर अपराध है, जिस पर रायगढ़ पुलिस पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करती है। अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें, उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन एवं ऑफलाइन व्यवहार के प्रति जागरूक करें तथा किसी भी संदिग्ध परिस्थिति या गुमशुदगी की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। समय पर दी गई सूचना बच्चों की शीघ्र और सुरक्षित बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”*