मोबाइल दुकान में चोरी से लेकर बैंक लूट की साजिश में 5 आरोपियों को दो साल की सजा
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Samna.in.Raigarh.Gharghodaरायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में चोरी और इसके बाद बैंकों में चोरी की साजिश रचने वाले संगठित अपराध के पांच आरोपियों को अपराध के चार माह के भीतर ही न्यायालय ने सजा सुनाई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा दामोदर प्रसाद चंद्रा के न्यायालय ने 8 सितंबर 2026 को मामले में सभी पांच आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए दो-दो वर्ष के कारावास एवं 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। प्रकरण में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सत्यनारायण प्रकाश महिलाने द्वारा प्रभावी पैरवी की गई
मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर 83 मोबाइल समेत सामान किया था पार
17 फरवरी 2026 को ग्राम कुडुमकेला निवासी भोजपाल साव ने थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सड़कपारा मेन रोड, कुडुमकेला स्थित उसकी साव कम्प्यूटर एंड मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली है।
दुकान से 43 नए मोबाइल, 40 पुराने मोबाइल, 11 ब्लूटुथ स्पीकर, 3 ब्लूटुथ हेडफोन, दस्तावेजों से भरा बैग तथा करीब 3000 रुपये नकद चोरी किए गए थे
चोरी के बाद बैंक लूट की थी साजिश
विवेचना में सामने आया कि पांच आरोपियों ने रात करीब 1 से 1:30 बजे कुडुमकेला स्थित मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर चोरी की थी। चोरी का सामान कार में भरकर घरघोड़ा-लैलूंगा मार्ग पर ग्राम मुस्कुरा के पास जंगल में छिपाया गया था। आरोपियों की योजना चोरी किए गए मोबाइल और अन्य सामान को बेचने की थी।
इसके बाद गिरोह ने बैंक चोरी की योजना बनाई। आरोपियों ने 15 मार्च 2026 की रात खम्हार स्थित ग्रामीण बैंक में चोरी का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। साक्ष्य मिटाने की नीयत से बैंक का सीसीटीवी कैमरा सिस्टम निकालकर अपने साथ ले गए।
इसके बाद 16 मार्च की रात पटेलपाली स्थित पंजाब नेशनल बैंक में चोरी का प्रयास किया गया। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी बैंक का वॉल्ट नहीं तोड़ सके और वहां से भी सीसीटीवी सिस्टम निकालकर फरार हो गए
26 लाख से अधिक की संपत्ति बरामद
घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मारुति सियाज कार और महिंद्र बरामद की। इसके साथ ही आरोपियों से कुल 60 नए/पुराने मोबाइल एवं एक एयरपॉड्स बरामद किए गए।बरामद संपत्ति की कुल कीमत 26 लाख 47 हजार 100 रुपये बताई गई है
मजबूत साक्ष्य, समय पर चार्जशीट और प्रभावी पैरवी से पहुंचा फैसला
घरघोड़ा पुलिस की विवेचना में सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी, चोरी की संपत्ति की बरामदगी, घटना में प्रयुक्त वाहनों सहित अन्य पुख्ता साक्ष्यों को संकलित कर चार्जशीट के साथ न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। घरघोड़ा पुलिस ने ठान रखा था कि संगठित अपराध के आरोपियों को सजा दिलानी है और इस दौरान आरोपियों के कई बार जमानत आवेदन निरस्त भी हुआ । घरघोड़ा पुलिस की समयबद्ध विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप मामले में चार्जशीट पेश होने के करीब साढ़े तीन माह के भीतर ही न्यायालय ने आरोपियों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।
न्यायालय से दंडित आरोपी
(1) मोह. अरसलान पिता मोह. जब्बीर खान उम्र 19 वर्ष निवासी सारथी नगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(2) करण महंत पिता कुमार दास महंत उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बांसाझार थाना छाल जिला रायगढ़ (छ.ग.)
(3) अलतमस खान पिता मोह. आफताब खान उम्र 19 वर्ष निवासी बिलाईटांगर पत्थलगांव थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(4) जॉनसन बेक पिता बुधियार बेक उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बोटराकछार, थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.)
(5) कवलेश यादव पिता पलकधारी यादव उम्र 19 वर्ष सा. ग्राम बरिमा मेनपाट थाना कमलेश्वरपुर जिला सरगुजा (छ.ग.)
सभी पांच आरोपियों को धारा 305(ए), 331(4) एवं संगठित अपराध से संबंधित धारा 112(2) बीएनएस के तहत दोषसिद्ध करते हुए दो-दो वर्ष के कारावास एवं 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।






