बंदी संजय बघेल की मृत्यु मामले में पुलिस ने रखा अपना पक्ष,थाने का सीसीटीवी फुटेज आया सामने
Samna.in,.Raigarh रायगढ़ के थाना कोतरारोड के आबकारी एक्ट के मामले में गिरफ्तार आरोपित संजय बघेल निवासी ग्राम नवापारा की हुई आकस्मिक मृत्यु के संबंध में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सीसीटीवी फुटेज मीडिया के समक्ष साझा किए गए।इस मामले में जेएमएफसी रायगढ़ द्वारा न्यायिक जांच की जा रही है।
आरोपों के बीच पुलिस ने रखा अपना पक्ष
बंदी संजय बघेल की मृत्यु के संबंध में परिजनों द्वारा थाना कोतरारोड में संजय बघेल के साथ मारपीट किए जाने तथा आबकारी प्रकरण में अवैधानिक रूप से रुपये लेने के आरोप पुलिस पर लगाए गए हैं।उन आरोपों के संबंध में पुलिस का पक्ष भी सामने आना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मामले से संबंधित मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा थाना कोतरारोड परिसर के 10 अप्रैल के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए गए हैंतथ्यों की स्पष्टता के लिए थाना कोतरारोड के अपराध क्रमांक 180/2026, धारा 34(2), 59(क) आबकारी अधिनियम के अंतर्गत की गई संपूर्ण कार्यवाही का घटनाक्रम निम्नानुसार है
यह है संजय बघेल का पूरा मामला
10 अप्रैल को लगभग 11 बजे थाना कोतरारोड पुलिस ने सूचना पर प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू एवं आरक्षक शंभू चौहान ने थाना प्रभारी कोतरारोड को अवगत कराते हुए गवाह सुरेश सिंह ठाकुर एवं चन्द्रप्रकाश भट्ट के साथ मौके पर रवाना होकर तस्दीक की कार्रवाई की।अरसीपाली चौक स्थित नाई ठेला के पास सुनसान स्थान पर एक व्यक्ति सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी के साथ मिला। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम संजय बघेल बताया। उसके कब्जे में रखी प्लास्टिक बोरी की तलाशी लेने पर उसमें हाथ भट्टी से निर्मित कुल 30 लीटर कच्ची महुआ शराब, जो छह नग पारदर्शी प्लास्टिक पन्नियों में 5-5 लीटर की मात्रा में भरी हुई थी, बरामद हुई। अवैध शराब को विधिवत जप्त कर आरोपी संजय बघेल को 12:43 बजे दोपहर थाना लाया गया।
थाना कोतरारोड परिसर में बंदीगृह के बाहर आरोपित को बैठाया गया तथा उसके परिजनों को कार्यवाही की सूचना दी गई। सूचना मिलने पर संजय बघेल का भाई अजय बघेल एवं परिवार का सदस्य राकेश बघेल थाना पहुंचे। आबकारी प्रकरण की समस्त वैधानिक औपचारिकताएं पूर्ण कर 10 अप्रैल की दोपहर 2:15 बजे आरोपी की विधिवत गिरफ्तारी दर्ज की गई तथा गिरफ्तारी की सूचना उसके भाई अजय बघेल को प्रदान की गई।
उल्लेखनीय है कि उसी दिन थाना कोतरारोड में चर्चित नकली शराब प्रकरण के आरोपी सुभाष पटेल के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही थी। दोनों आरोपियों को बंदीगृह के बाहर बैठाया गया था।
सीसीटीवी फुटेज में खाना खाते,आराम करते दिखा मृतक संजय
सीसीटीवी फुटेज में दोपहर 14:21 बजे स्पष्ट रूप से आराम करता देखा जा सकता है कि संजय बघेल द्वारा पानी मांगने पर पुलिसकर्मियों द्वारा उसे पानी उपलब्ध कराया गया तथा अन्य आरोपियों की भांति उसे दोपहर का भोजन भी कराया गया। गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर उसके परिजन थाना पहुंचे, जिनकी उपस्थिति में तथा पुलिस की निगरानी में संजय बघेल थाना परिसर के बरामदे में अपने परिजनों से मिला एवं उनसे बातचीत करता हुआ दिखाई देता है।
उसी शाम आरोपी संजय बघेल एवं आरोपी सुभाष पटेल को चिकित्सीय परीक्षण, एमसीयू (फिंगर प्रिंट) एवं न्यायालय में रिमांड के लिए प्रस्तुत करने के लिए थाना से रवाना गया लगभग शाम 4:35 बजे के सीसीटीवी फुटेज में संजय बाहर निकलता दिखा है । चिकित्सीय परीक्षण के दौरान संजय बघेल द्वारा चिकित्सक को किसी प्रकार की चोट अथवा शारीरिक तकलीफ की जानकारी नहीं दी गई, मेडिकल रिपोर्ट में उसे फिट बताया गया है जबकि आरोपी सुभाष पटेल द्वारा स्वयं को उच्च बीपी (उच्चरक्तचाप) का मरीज बताया गया था।
दोनों आरोपियों को शाम लगभग 6:30 बजे पुलिस बल द्वारा जेल दाखिल कराने ले जाया गया, जहां संजय बघेल के परिवार का सदस्य राकेश बघेल भी उपस्थित था। उसने संजय बघेल को दिलाशा दिया कि शीघ्र ही उसकी जमानत करायेंगे।
थाने में नहीं हुई मारपीट
उपरोक्त घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि शराब रेड की कार्रवाई से लेकर थाना लाने, चिकित्सीय परीक्षण कराने तथा जेल दाखिल कराने तक की संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान कहीं भी संजय बघेल के साथ अभद्रता अथवा मारपीट नहीं की गई है। थाना परिसर में संजय बघेल के साथ मारपीट किए जाने संबंधी आरोप निराधार हैं।
दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मृतक संजय बघेल के परिजनों पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण के जांचकर्ता प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू एवं हमराह आरक्षक शंभू चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच किया गया है। उक्त शिकायत की विस्तृत जांच डीएसपी मुख्यालय द्वारा कराई जा रही है।
पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण चोट नहीं
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण मृतक संजय बघेल के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी प्राप्त किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर पाई गई चोटों को मृत्यु का कारण नहीं बताया गया है। मृत्यु के स्पष्ट कारणों के निर्धारण हेतु हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच तथा जप्त विसरा के परीक्षण कराए जाने की राय दी गई है।प्रकरण की न्यायिक जांच जारी है, जिसके उपरांत तथ्यों की और अधिक स्पष्टता सामने आएगी।

जिला पुलिस रायगढ़ न्यायिक जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है तथा जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



