किण्डर वैली प्ले स्कूल में फैंसी ड्रेस में सजे नन्हें बच्चों ने बिखेरा देशभक्ति का रंग
Samna.in.Raigarh तिरंगे रंगों में सजे नन्हें कदम, चेहरे पर देशभक्ति के रंग और हाथों में लहराते छोटे-छोटे तिरंगे…. रामलीला मैदान स्थित किण्डर वैली प्ले स्कूल में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।

कोई भगत सिंह बना था तो कोई भारत माता, किसी ने फौजी की वर्दी पहनकर जवान की भूमिका निभाई तो कोई मोर बना तो कोई बाघ, किसी ने कमल का फूल तो किसी ने वटवृक्ष की वेशभूषा धारण की। स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती रीनू थवाईत के नेतृत्व में नन्हें विद्यार्थियों ने फैंसी ड्रेस, देशभक्ति गीतों पर नृत्य और जवानों पर आधारित लघु नाटक के जरिए देशप्रेम की झलक दिखाई।


कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती रीनू थवाईत ने महात्मा गांधी और अमर शहीद भगत सिंह की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्पमालाएं अर्पित करने के साथ की। इसके बाद उन्होंने तिरंगा फहराया, जिसके साथ ही राष्ट्रगान की धुन गूंज उठी। राष्ट्रगान खत्म होते ही बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। स्कूल परिसर को तिरंगे के तीन रंगों के साथ गुब्बारों, अशोक चक्र, लाल किले और उड़ते जहाजों के कटआउट से सजाया गया था। मुख्य प्रवेश द्वार पर भी तीन रंगों की सजावट में खासा आकर्षक नजर आ रहा था। प्रवेश पर बिछे लाल कालीन पर बच्चे अपने दोस्तों के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साहित नजर आए।

कार्यक्रम के अंत में डायरेक्टर श्रीमती रीनू थवाईत ने बच्चों को चॉकलेट बांटी। चॉकलेट मिलते ही बच्चों के चेहरे खिल उठे। स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को सफल बनाने में स्कूल की को-ऑर्डिनेटर नम्रता चौहान, शिक्षिका दिव्या यादव और स्कूल के सभी स्टाफ सदस्यों का योगदान रहा।
नन्हें फौजी बनकर बच्चों ने पेश की जवानों की कहानी
सीमा पर देश की रक्षा में तैनात जवानों की जिंदगी को स्कूल के नन्हें विद्यार्थियों ने अपनी मासूम अदाकारी के जरिए मंच पर उतारा। फौजी की वर्दी पहने बच्चों ने लघु नाटक में जवानों की भूमिका निभाई तो माहौल में देशभक्ति का रंग और गहरा हो गया। नाटक के जरिए उन्होंने सीमा पर तैनात सैनिकों के साहस और देश के प्रति उनके समर्पण को सामने रखा। इसके बाद देशभक्ति गीतों पर बच्चों ने नृत्य प्रस्तुत किया। अलग-अलग प्रस्तुतियों में उनकी मेहनत और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया।
तीन रंगों में सजे बच्चों के तीन समूह
इस बार स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को नारंगी, सफेद और हरे रंग की टी-शर्ट में तीन समूहों में बांटा था। इसके जरिए उन्हें राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों के महत्व की जानकारी दी गई। बच्चों की पूरी ड्रेस भी तिरंगे की थीम पर तैयार की गई थी। नारंगी टी-शर्ट वाले बच्चों ने सफेद पैंट के साथ नारंगी कैप पहनी थी, हरी टी-शर्ट वाले बच्चों ने सफेद पैंट के साथ हरी कैप और सफेद टी-शर्ट वाले बच्चों ने सफेद पैंट के साथ सफेद कैप लगाई थी। हाथों में छोटे-छोटे तिरंगे, कलाई पर तिरंगे रंगों के बैंड और गालों पर तिरंगे के रंग लगाए बच्चे पूरे स्कूल परिसर में अलग ही नजर आ रहे थे।
कोई भगत सिंह बना तो कोई भारत माता
फैंसी ड्रेस में नन्हें विद्यार्थियों की तैयारियां देखते ही बन रही थी। काली टोपी और मूंछों में राजा भगत सिंह का रूप हो या सफेद-नीली बॉर्डर वाली साड़ी में मदर टेरेसा की झलक, बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान खींचा। फौजी और पुलिसकर्मी की वर्दी में सजे बच्चों ने देश की सेवा का संदेश दिया, वहीं सफेद-केसरिया साड़ी और आभूषणों में सजी भारत माता की वेशभूषा भी खास रही। इसके अलावा मोर, बाघ, आम, कमल और वटवृक्ष के रूप में तैयार बच्चों ने फैंसी ड्रेस को और रंगीन बना दिया। अपनी प्रस्तुतियों के दौरान बच्चों की मासूमियत और उत्साह साफ नजर आ रहा था।









