रायगढ़ जिले में बनेंगे 15 महतारी सदन,कलेक्टर ने दिए निर्देश,समय पर पूरा करें कार्य
Samna.in Raigarh ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी, आत्मनिर्भर एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में “महतारी सदन” का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। इन सदनों के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक गतिविधियों, प्रशिक्षण, सामाजिक समरसता एवं आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं में भागीदारी का सशक्त मंच उपलब्ध होगा।
रायगढ़ जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत कुल 4 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की लागत से 15 महतारी सदनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से कई स्थानों पर निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष स्थानों पर कार्य प्रगतिरत है।
इन ग्राम पंचायतों में पूर्ण हुआ निर्माण, कई स्थानों पर कार्य प्रगतिरत
विकासखंड रायगढ़ के ग्राम-महापल्ली एवं गोपालपुल, पुसौर विकासखंड के ग्राम-छिछोरउमरिया एवं गढ़उमरिया, घरघोड़ा विकासखंड के ग्राम-छर्राटांगर तथा लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-भुईयापानी में महतारी सदन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार विकासखंड रायगढ़ के ग्राम-लोईंग एवं बनोरा, पुसौर के ग्राम-बड़े हरदी एवं कोड़ातराई, खरसिया विकासखंड के ग्राम-तुरेकेला एवं बर्रा तथा धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम-बाकारूमा, कुड़ेकेला एवं आमापाली में निर्माण कार्य तेजी से प्रगतिरत है। कलेक्टर के निर्देश पर जिले में महतारी सदन का निर्माण कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि गुणवत्ता एवं समयसीमा से किसी प्रकार का समझौता न हो।
कलेक्टर का सख्त निर्देश, गुणवत्ता से समझौता नहीं,समय-सीमा में पूर्ण करें कार्य
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज शुक्रवार को खनिज उत्खनन प्रभावित क्षेत्र धरमजयगढ़ विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल महतारी सदन के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। धरमजयगढ़ विकासखंड के छाल तहसील अंतर्गत ग्राम कुड़ेकेला में निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने तथा तकनीकी मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के तकनीकी अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए और यदि कहीं भी मानकों में कमी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। कलेक्टर ने कहा है कि शासन की मंशा के अनुरूप महिलाओं को सशक्त बनाने की यह महत्वपूर्ण पहल है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

