Raigarh पीड़ित परिवार को मिला न्याय,हत्या के दो आरोपियों को मिली उम्रकैद की सजा
Samna.in Raigarh रायगढ़ जिले के थाना कोतरारोड क्षेत्र में वर्ष 2023 में घटित बहुचर्चित हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार ठाकुर के न्यायालय ने मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को हत्या के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
कोतरारोड हत्याकांड मामला
24 जनवरी 2023 को नए मकान के गृह प्रवेश की तैयारी के दौरान मोहल्ले का रहने वाला देवव्रत गली के मरम्मत कार्य को लेकर विवाद किया और वह वहां से चला गया। कुछ समय बाद देवव्रत अपने साथी कार्तिक राम तुरी के साथ वापस आया और दोनों ने गाली-गलौच करते हुए विवाद शुरू कर दिया। विवाद के दौरान कार्तिक राम तुरी ने अपने पास छिपाकर रखी सब्जी काटने की लोहे की छुरी निकालकर ललिता देवी के पेट में जानलेवा वार कर दिया। बीच-बचाव करने आए छोटनराम पर भी उसी छुरी से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। दोनों घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज रायगढ़ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान छोटनराम की मृत्यु हो गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतरारो में अपराध क्रमांक 42/2023 धारा 307, 302, 34 भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर तत्कालीन थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों कार्तिक राम तुरी और देवव्रत कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। साथ ही न्यायालय ने पीड़ित परिवार को हुए मानसिक और शारीरिक आघात को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ क्षतिपूर्ति योजना 2011 के अंतर्गत पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का आदेश भी दिया है।
इस संवेदनशील और गंभीर प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी कोतरारोड उपनिरीक्षक गिरधारी साव द्वारा अत्यंत पेशेवर दक्षता, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और ठोस अनुसंधान के आधार पर की गई, वहीं मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्यों और गवाहों को मजबूती से प्रस्तुत किया जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय में अभियोजन पक्ष मजबूत स्थिति में रहा और आरोपियों को उनके जघन्य अपराध के अनुरूप कठोर सजा सुनिश्चित हो सकी।
इस हत्या प्रकरण में सशक्त विवेचना और प्रभावी न्यायालयीन कार्यवाही से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। रायगढ़ पुलिस का संकल्प है कि गंभीर अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस द्वारा पेशेवर जांच और प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से पीड़ितों को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।”*

