September 23, 2026

Raigarh राउरकेला से रायगढ़ लाकर नाबालिगों को नशे के लिए सोल्यूशन बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार

20260527_164505.jpg
Share

Samna.in.Raigarh रायगढ़ कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बच्चों को नशे के लिए सोल्यूशन लिक्विड बेचने वाले युवक को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं जेजे एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।

थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल को मुखबिर से सूचना मिली कि रामभांठा स्थित संजय मैदान के पास एक युवक, जिसे “डोकरी” के नाम से जाना जाता है, छोटे-छोटे नाबालिग बच्चों को सोल्यूशन बेच रहा है, जिसका उपयोग बच्चे नशे के रूप में कर रहे हैं। सूचना पर तत्काल कोतवाली पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस पेट्रोलिंग को देखकर वहां मौजूद कई नाबालिग लड़के भाग रहे थे  एक युवक को पकड़कर पूछताछ की गई। युवक ने बताया कि उसने “डोकरी सिदार” से 40 रुपये में सोल्यूशन खरीदा है। उसके पास से भी सुपर मैक्स साइकिल सोल्यूशन नंबर-04 का ट्यूब बरामद हुआ।

       इसके बाद पुलिस टीम ने संदेही शिवशंकर उर्फ डोकरी को दौड़ाकर पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम शिवशंकर उर्फ डोकरी सिदार पिता दिलसाय सिदार उम्र 26 वर्ष निवासी सुसडेगा थाना पत्थलगांव जिला जशपुर (छ.ग.) बताया। आरोपी के कब्जे के थैले की तलाशी लेने पर 19 नग सुपर मैक्स साइकिल सोल्यूशन नंबर-04, प्रत्येक ट्यूब 50 एमएल क्षमता का, बरामद किया गया। साथ ही बिक्री रकम 240 रुपये एवं अन्य सामान जप्त किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह राउरकेला (ओडिशा) से सोल्यूशन खरीदकर रायगढ़ शहर के विभिन्न मोहल्लों में घूम-घूमकर नाबालिग लड़कों को 50-60 रुपये में बेचता था, जिसका उपयोग बच्चे नशे के रूप में करते हैं। आरोपी ने बताया कि वह 10 दिन पहले राउरकेला से 5 बॉक्स सोल्यूशन खरीदकर लाया था।

 कोतवाली पुलिस ने गवाहों के समक्ष आरोपी से बरामद सामग्री जप्त कर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 284/2026 धारा 123, 275, 286 बीएनएस एवं धारा 77 जेजे एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश: नशा युवाओं और बच्चों के भविष्य को बर्बाद करने वाला सबसे बड़ा खतरा है। मासूम बच्चों को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तत्व किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। रायगढ़ पुलिस ऐसे व्यकितयों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर कठोर वैधानिक कार्रवाई करती रहेगी। समाज और अभिभावकों की सतर्कता भी बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने में बेहद महत्वपूर्ण है।”*