October 1, 2026

सौरभ राजपूत हत्याकांड में फैसला आज,मुस्कान- साहिल को मिलेगी उम्रकैद या फांसी!

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Samna.in.Saurbh Rajpoot Murder पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में 126 तारीखें, 22 से अधिक गवाहों के बयान के बाद आज 30 सितंबर को मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा अपना फैसला सुनाएंगे सौरभ की आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल दोनों हत्यारोपियों को उम्रकैद होगी या उन्हें फांसी दी जाएगी? या दोनों ही रिहा हो जाएंगे? सभी की निगाहें जज के फैसले पर हैं

अब तक क्या क्या हुआ

19 मार्च, 2025 को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को मेरठ जेल भेज दिया था. 17 मार्च, 2025 को यह केस कोर्ट में पहुंचा था. जुलाई, 2025 में केस जिला जज की कोर्ट में ट्रायल पर आया. 13 महीने तक बहस चली. सीनियर एडवोकेट डीजीसी फौजदारी केके चौबे ने कहा कि सौरभ हत्याकांड में सारी गवाहियां पूरी हो चुकी हैं. हमारा प्रयास मुस्कान-साहिल को फांसी की सजा दिलाना है. समाज में जिस तरह पति, पत्नी के रिश्ते को शर्मसार किया गया है, उसके खिलाफ एक कड़ा संदेश जाना चाहिए.

22 गवाहों ने मुस्कान-साहिल को बताया कातिल

केस में अब तक जिन 22 गवाहों ने गवाही दी है, सभी ने मुस्कान-साहिल को ही सौरभ का हत्यारा बताया है. हत्या सुनियोजित ढंग से की गई थी. आरोपियों ने चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और बड़ा नीला ड्रम पहले ही खरीद लिया था.

पुलिस और फोरेंसिक टीम की गवाही ने घटनास्थल की भयावहता को उजागर किया है, जहां खून के निशान पूरे कमरे में फैले थे. शव को बेरहमी से काटकर सीमेंट में ड्रम के अंदर छिपाया गया था

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी हत्या की क्रूरता और धारदार हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई. सारी गवाही मुस्कान-साहिल के खिलाफ हैं. ऐसे में उन्हें सजा होना तय माना जा रहा है

सौरभ के भाई बबलू राजपूत की 8 बार गवाही

मुस्कान और साहिल ने मेरे भाई को मारा’
सौरभ के भाई बबलू राजपूत की कोर्ट में 8 बार गवाही हुई. उसने कहा, ‘मेरे भाई से मेरी बात नहीं हो पा रही थी. 17 मार्च को किसी ने बताया कि भाई की बॉडी उसके घर में पड़ी है. जब मैं गया तो वहां एक लाश थी, जो मेरे छोटे भाई सौरभ की थी. हत्या मेरे भाई की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने की थी

लाश को नीले ड्रम में छिपाया गया: हेड मोहर्रिर बृजेश कुमार ने कहा- केस की मैंने तहरीर लिखी थी. ब्रह्मपुरी में एक घर में नीले रंग के ड्रम में लाश मिली थी. इसके बाद मृतक सौरभ के भाई राहुल ने तहरीर (शिकायत) लिखवाई थी. इसमें मुस्कान के अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या करने की बात सामने आई थी.

मुस्कान ने प्रेमी के साथ मिलकर बेटे को मार डाला: मां रेणू राजपूत ने बताया- मेरे छोटे बेटे सौरभ को मुस्कान रस्तोगी से प्यार हो गया था. हमारे बार-बार मना करने के बावजूद सौरभ ने मुस्कान से शादी कर ली. शादी के बाद मुस्कान ससुराल में रहती थी, लेकिन उसका रवैय्या बहुत खराब था. वो सौरभ का बिल्कुल ख्याल नहीं रखती थी. वो हमारे पूरे परिवार से लड़ती थी. शादी से पहले भी मुस्कान, साहिल से मिलती-जुलती रहती थी. जब सौरभ लंदन चला गया, तब भी मुस्कान और साहिल अक्सर मिलते थे. एक बार मुस्कान घर छोड़कर चुपचाप अपने प्रेमी साहिल के साथ कहीं चली गई थी. बाद में उसे पुलिस की मदद से तलाश कराया था. तब भी सौरभ ने मुस्कान को साहिल से दूर रहने के लिए कहा था. लेकिन, वो नहीं मानी. मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर मेरे बेटे को मार डाला.

दोस्त सौरभ ने कहा- मैंने साहिल को देखा: सौरभ राजपूत के दोस्त सौरभ ने बताया- मैं ब्रह्मपुरी में रहता हूं. सौरभ राजपूत को मैं जानता हूं. मेरा घर भी उसी गली में है. मैंने 3 मार्च की रात आगे की गली में रहने वाले साहिल को सौरभ के यहां रात में जाते हुए देखा था. उस दिन घर पर सौरभ और मुस्कान थे. रात को साहिल भी मुस्कान के घर गया था. 17 मार्च को हमें पता चला कि साहिल-मुस्कान ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी है. उसकी डेडबॉडी उसी घर में नीले ड्रम में मिली. वहां काफी पुलिस भी आई थी


ड्रम बेचने वाला दुकानदार: 4 मार्च की सुबह करीब 10 बजे आरोपियों ने घंटाघर रोड के बाजार में स्थित सैफुद्दीन की दुकान से वह नीला प्लास्टिक ड्रम खरीदा था, जिसमें बाद में पीड़ित का शव बरामद हुआ.
चाकू बेचने वाला दुकानदार: आरोपियों ने शारदा रोड पर स्थित ‘सिंघल जी बर्तन वाले’ की दुकान के मालिक अंकित से हत्या में इस्तेमाल चाकू खरीदा था


शिवा टूर एंड ट्रैवल्स का ड्राइवर: हत्या और शव को ठिकाने लगाने के बाद, 4 मार्च को मुस्कान और साहिल ने शिवा टूर एंड ट्रैवल्स से एक कैब बुक की. ड्राइवर अजब सिंह उन्हें कार से करीब 13 दिनों तक शिमला-मनाली में घुमाता रहा, जहां वे पुलिस से बचने के लिए छिपे हुए थे.


मुस्कान-साहिल बालू-सीमेंट ले गए थे: बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारी आशू ने बताया- मेरी शारदा रोड पर बालू-सीमेंट बेचने की दुकान है. मेरे यहां एक लड़का-लड़की ई-रिक्शा में आए थे. उन्होंने मुझसे 1 बोरी बालू और 2 बोरी सीमेंट खरीदा. उसे रिक्शा में लेकर गए थे. मुझे नहीं पता था कि ये लोग सीमेंट-बालू क्यों ले जा रहे? नॉर्मल कस्टमर की तरह मैंने उनको सीमेंट, बालू बेचा था, जिसकी डिटेल भी मेरे पास है


मैंने सिर्फ बुखार-सिरदर्द की दवाएं लिखीं: डॉ. अरविंद ने कहा- मुस्कान मेरे पास चेकअप कराने आई थी. उसने मुझे बताया कि उसे बुखार है, मन अच्छा नहीं लग रहा. तब मैंने उसे अपने पर्चे पर दवाएं लिखकर दी थी. इसमें मैंने बुखार और सिरदर्द की दवाएं लिखी थीं. मैंने अपने पर्चे में कहीं भी नशे की दवा मिजोलम नहीं लिखी थी. जो मुस्कान ने दवा दुकान से खरीदा, वो दवाएं मैंने नहीं लिखी थी


ड्रम में सिरकटी लाश थी: ड्रम काटने वाले अशोक ने कोर्ट में बताया कि ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने उन्हें सूचना देकर बुलाया था. पुलिसकर्मी उन्हें मेडिकल अस्पताल की मोर्चरी ले गए, जहां एक नीला ड्रम रखा था. पुलिस ने उनसे ड्रम काटने को कहा. अशोक ने बताया कि उन्होंने पहले ड्रम का ढक्कन खोलने की कोशिश की, लेकिन वह जाम था. इसके बाद उन्होंने ड्रम को लंबाई में काटना शुरू किया. पुलिस की मौजूदगी में ड्रम काटने पर उसके अंदर जमा हुआ सीमेंट मिला. उन्होंने बताया कि सीमेंट के अंदर तकिए के दो खोल और शव के अवशेष मिले. साथ ही उस्तरा और चाकू भी मिला. पुलिस ने मुस्कान को 18 मार्च को अरेस्ट किया था. फिर टीम बॉडी पार्ट ढूंढती हुई सौरभ के घर पहुंची थी


तीन टुकड़ों में मिली थी सौरभ की लाश: पंचनामा भरने वाले दरोगा धर्मेंद्र गौड़ ने बताया- प्लास्टिक के नीले ड्रम के अंदर एक युवक की सीमेंट में जमी लाश मिली थी. ड्रम को लेबर से कटवाया था. जिसके अंदर 3 टुकड़ों में सौरभ की लाश मिली थी. लगातार सीमेंट में दबे रहने से लाश जगह-जगह से सफेद हो चुकी थी.