April 15, 2026

वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच करने का आदेश,कलेक्टर ने मांगी  30 दिन में रिपोर्ट

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Samna.in छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई में वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर फटने से 12 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में 22 लोग घायल भी हैं। इस घटना को लेकर जिला प्रशासन ने 8 बिंदुओं पर हादसे जांच कर 30 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी हैं।

इस संबंध में जारी आदेश में लिखा है कि वेदांता पावर लिमिटेड सिंघीतराई तहसील डभरा जिला- सक्ती  को प्लांट की बॉयलर यूनिट -1 में बॉयलर के स्टीम पाईप के वाटर सप्लाई पाईप के ज्वांट में तकनीकी खराबी होने से दुर्घटना में 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिसमें से 12 श्रमिकों की मृत्यु हो गई है। शेष घायक श्रमिकों का फोर्टिस जिंदल अस्पताल रायगढ़, आपेक्स अस्पताल रायगढ़ एवं बालाजी मेट्रो अस्पताल रायगढ़ में ईलाज जारी है।

अतएव उक्त दुर्घटना में श्रमिकों की मृत्यु एवं घायल होने की घटना की जांच के लिए मैं अमृत विकास तोपनो जिला दण्डाधिकारी जिला- सक्ती (छ.ग.) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता – 2023 की धारा 196 में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, दण्डाधिकारी जांच करने का आदेश देता हूँ तथा अधोलिखित बिन्दुओं पर जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी, डभरा जिला – सक्ती को जांच अधिकारी नियुक्त करता हूँ

कलेक्टर ने इन बंधुओं पर दिए जांच के आदेश

  1. घटना कब और कैसे घटित हुई?
  2. घटना दिनांक को घटना स्थल पर कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे एवं घटना में किन-किन मजदूरों की मृत्यु हुई तथा कौन-कौन मजदूर घायल हुये ?
  3. उन परिस्थितियों के कारण जिनके फलस्वरूप घटना घटित हुई थी?
  4. सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जिला- जांजगीर चांपा / सक्ती द्वारा वेदांता पावर लिमिटेड सिंघीतराई तहसील डभरा जिला सक्ती (छ०ग०) में उत्पादन प्रारंभ होने से लेकर घटना दिनांक तक कब-कब निरीक्षण किया गया है? क्या निरीक्षण में कोई खामियां पायी गई है, यदि हां तो क्या कार्यवाही की गई?
  5. उक्त घटना घटित होने का कारण तकनीकी या मानवीय क्या कारण है?
  6. उक्त घटना घटित होने के लिए कौन जिम्मेदार हैं?
  7. भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटना न हो, इस हेतु रोकथाम के उपाय एवं सुझाव ।
  8. अन्य कोई बिन्दु जिन पर जांच अधिकारी अभिमत देना उचित समझें।

वेदांता पावर प्लांट हादसे केप्रत्यक्षदर्शियों ने ने क्या बताया

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद पूरे प्लांट में दहशत फैल गई थी. पश्चिम बंगाल के रहने वाले अजित दास कर यहां पेंटर का काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि लगा जैसे कोई मिसाइल आकर गिरी हो ,दोपहर करीब 2:30 बजे खाना खत्म ही किया था कि अचानक तेज धमाका हुआ और चारों तरफ घना धुआं फैल गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।अजित दास ने कहा कि धमाका बॉयलर नंबर एक में हुआ, जहां हम काम कर रहे थे. मैं एक अलमारी के अंदर छिपकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा. जो मजदूर नीचे थे, वे बुरी तरह झुलस गए. उन्होंने बताया कि वहां मौजूद कई मजदूर पेंट का काम कर रहे थे. कई पीड़ितों के परिजन प्लांट के बाहर बैठे थे. वहां मौजूद चित्रसेन पटेल ने बताया कि प्लांट में काम करने वाले उनके पिता की इस घटना में मौत हो गई।

हादसे में मृतकों के परिजनों को 5 लाख का मुआवजा

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने इस हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. साथ ही बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को जांच के आदेश दिए गए हैं. वहीं जिला प्रशासन ने भी पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है. सीएम ने कहा कि दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी जिम्मेदारी के साथ खड़ी है।

वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल  ने क्या कहा

हादसे की खबर मिलते ही वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पहले ट्विटर) पर दुख जताते हुए लिखा, “छत्तीसगढ़ के सिंगीतराई प्लांट में हुए दुखद हादसे से गहरा दुख हुआ है.इस हादसे से प्रभावित हर व्यक्ति मेरा परिवार है. आपके आंसू मेरे हैं, आपका दर्द मेरा है. हमारा पूरा सहयोग, हर तरह से आपके साथ है.”