वेदांता का बड़ा ऐलान, मृतकों के परिजनों को नौकरी के साथ मिलेगा 35 लाख मुआवजा
वेदांता हादसे में मृतकों के नाम आए सामने
Samna.in छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से मरने वालों के परिजनों के लिए कंपनी ने बड़ा ऐलान किया है। वेदांता पावर लिमिटेड का कहना है कि हम प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और मरने वालों के परिवारों को 35 लाख रुपये और नौकरी की मदद देंगे,साथ ही घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रहेगा और परामर्श (काउंसलिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कंपनी ने कहा कि घायलों को 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा, साथ ही ठीक होने तक सैलरी और काउंसलिंग की मदद भी दी जाएगी। कंपनी ने कहा कि हमारा ध्यान घायलों पर है और मेडिकल टीमों और लोकल अधिकारियों के साथ मिलकर समय पर मेडिकल मदद पक्का करना है।
हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत और 19 घायल
वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और 19 श्रमिकों का अभी भी अलग-अलग हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि यह धमाका कल दोपहर करीब 2:30 बजे जिले के डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के विद्युत संयंत्र में बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप पहुंचाने वाली एक ट्यूब में हुआ था। अलर्ट मिलने पर पुलिस स्टेशन को इन्फॉर्म किया गया और तुरंत भेजा गया।
हादसे में मृतकों के नाम आए सामने
मृतकों में पांच पश्चिम बंगाल, तीन झारखंड, दो बिहार, दो उत्तर प्रदेश, और पांच छत्तीसगढ़ (तीन सक्ती, एक जांजगीर और एक रायगढ़ जिले) के निवासी हैं।रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार),
अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़),
थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़),
तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड),
आकिब खान (दरभंगा, बिहार),
सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),
अब्दुल करीम (झारखंड),
उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़),
शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल),
पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),
अशोक परहिया (पलामू, झारखंड),
मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल),
बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश),
रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़),
कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल),
नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़),
शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल)।
घायलों के बेहतर उपचार हेतु कलेक्टर–एसपी मुस्तैद
भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन त्वरित रूप से सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय घटना एवं घायलों के उपचार को लेकर कलेक्टर अमृत विकास टोपनो तथा पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल भी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और कलेक्टर के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी तथा प्रशासन की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टीस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन द्वारा घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम उपरांत पार्थिव देह को उनके गृहग्राम तक एम्बुलेंस के माध्यम से भेजने और तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
हादसे में घायल अथवा प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर भी सहमति बनाई गई है। कलेक्टर ने बताया कि मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा कर सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं तथा जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है।
मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों हेतु 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।

