April 26, 2026

Raigarh नौकरी दिलाने के बहाने महिला व नाबालिग लड़की से छेड़छाड़,आरोपी गया जेल

IMG-20260426-WA0629.jpg
Share

Samna.in Raigarh जॉब दिलाने के नाम पर महिला और नाबालिग को झांसे में लेकर छेड़खानी करने वाले आरोपी सुरेन्द्र बेहरा निवासी ग्राम रायकेरा थाना घरघोड़ा को घरघोड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

24 अप्रैल को नाबालिग पीड़िता (15 साल) ने थाना घरघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसकी भाभी  को 16 अप्रैल को एक अज्ञात युवक ने मोबाइल पर कॉल कर स्वयं को विजय बताकर रायगढ़ की कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और छेड़खानी की ।

                      बालिका ने बताया कि उसकी भाभी के मोबाइल पर  किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन करके बताया कि उसका नाम विजय है और वह रायगढ़ की कंपनियों में काम दिलाता है, तब इसकी भाभी उसे काम दिला देने बोली थी। वह व्यक्ति दिनांक 22 अप्रैल को उसी मोबाईल नंबर से फोन करके बताया कि काम मिल गया है एक बार ग्राम अमलीडीह घरघोड़ा आकर मुझसे मिलो । तब उसकी भाभी के साथ बस से ग्राम अमलीडीह घरघोड़ा गये।

आरोपी ने शाम लगभग 05.30 बजे फोन कर अमलीडीह से ग्राम चिमटापानी के पास बुलाया, करीब 8 बजे बस से उतरे जहां एक व्यक्ति आकर हमसे मिला और बताया कि वह विजय है और  कार में दोनों को बैठाया, बालिका कार में पीछे तरफ बैठी थी और उसकी भाभी आगे तरफ बैठी थी, आरोपी अपने गकार में दोनों को बैठाकर सुनसान स्थान ले गया, जहां बातचीत के दौरान पहले महिला के साथ गलत नियत से छेड़खानी की और विरोध करने पर नाबालिग के साथ भी जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने पर दोनों को जान से मारने की धमकी देकर आरोपी कार से फरार हो गया।

पीड़िताओं की रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 144/2026 धारा 74,75(2),76,351(3) बी.एन.एस. एवं 8 पॉक्सो एक्ट कायम एवं 8 पॉक्सो एक्ट कायम पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

       थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच कर आरोपी की पहचान सुरेन्द्र बेहरा निवासी रायकेरा के रूप में स्थापित की और तत्काल दबिश देकर आरोपी को उसकी मारूति ब्रेजा कार क्रमांक JH-17-Q-2761 सहित पकड़ा गया। दोनों पीड़िताओं से आरोपी तथा घटना में प्रयुक्त वाहन की शिनाख्त कराई गई, जिसमें आरोपी की पहचान मूल अपराधी के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लेबर ठेकेदारी का काम करता है, उसने फर्जी नाम “विजय” बताकर नौकरी दिलाने के बहाने महिला को बुलाना और अपराध कारित करना स्वीकार किया। मामले में एट्रोसिटी की धाराएं विस्तारित कर पुलिस ने आरोपी से घटना में प्रयुक्त मोटोरोला मोबाइल फोन एवं मारूति ब्रेजा कार जब्त कर आरोपी को रिमांड पर पेश कर जेल भेजा गया है ।

एसएसपी  शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। नौकरी, सहायता या किसी भी प्रलोभन के नाम पर महिलाओं से अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आमजन विशेषकर महिलाएं और युवतियां अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें, दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”*