Raigarh रुपए उधार लेना बनी मौत की वजह,पीएम रिपोर्ट से हुई हत्या की पुष्टि,आरोपी गिरफ्तार
Samna.in Raigarh- रायगढ़ के थाना कापू पुलिस ने ग्राम कुम्हीचुआ में मिले युवक के शव के मामले अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया गया है।मृतक देवव्रत तुरी का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध परिस्थिति में मिलने की सूचना पर थाना कापू में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत दम घुटने और गले की हड्डी टूटने से होना पाए जाने पर हत्या की पुष्टि हुई, जिसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का खुलासा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल और शव का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। मृतक के शरीर पर गले, कलाई और पीठ पर दबाव एवं संघर्ष के निशान मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों द्वारा मृत्यु को होमीसाइडल बताया गया।मर्ग जांच पर और शार्ट पीएम रिपोर्ट अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 75/2026 धारा 103(1) BNS का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
निर्माणाधीन मकान के पास संदिग्ध अवस्था में मिला था शव
घटना के संबंध में मृतक के पिता चमराराम तुरी ने बताया कि 26 अप्रैल की शाम देवव्रत अपने कमरे में था, अगली सुबह मृतक का बेटा रणबीर अपने पिता के कमरे में देखने गया तो वह अपने कमरे में नहीं था। आसपास तलाश करने पर मृतक के निर्माणाधीन मकान के पास देवव्रत तुरी मृत मिला मृतक के दोनों हाथ कलाई में तथा गले के पास तथा पीठ में काला गहरा निशान दिख रहा था साथ ही नाक से खून निकल रहा था ।
उधार रुपए वापस ना मिलने पर हुई हत्या
इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि गांव के करमसाय नगेसिया और मृतक के बीच लंबे समय से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। संदेह के आधार पर करमसाय नगेसिया को थाना लाकर गहन पूछताछ की गई।आरोपी ने सख्ती से पूछताछ करने पर हत्या करना स्वीकार कर लिया।
आरोपी करमसाय नगेसिया ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले मृतक देवव्रत तुरी ने उससे 5,000 रुपये उधार लिए थे, जिसे वह लगातार टालता रहा। ब्याज सहित रकम बढ़ने और कई बार मांगने के बाद भी पैसा वापस नहीं मिलने से आरोपी के मन में रंजिश थी। 11 मार्च को वह पैसा वापसी मांगने पर देवव्रत तुरी के माता पिता एवं उसकी बहन से गाली गलौच किये थे। जिसको लेकर मिटिंग भी गांव में बैठे थे फिर भी देवव्रत के द्वारा पैसा वापस नहीं किया गया। 26 अप्रैल की रात करीब 11 बजे उसने देवव्रत को उसके घर के पास देखा और गुस्से में उसका पीछा कर घर के दरवाजे के पास पकड़ लिया। आरोपी ने देवव्रत के मुंह और गले को दोनों हाथों से दबाकर जमीन पर पटक दिया और तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को उठाकर घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया ताकि हत्या को छुपाया जा सके। आरोपी को आज न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

