विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सर्व आदिवासी समाज ने दिया एकता का परिचय…. निकाली भव्य रैली… हाथों में काली पट्टी लगाकर जताया मणिपुर घटना का विरोध……
सामना:-रायगढ़:- रायगढ़ जिला आदिवासी बाहुल्य से परिपूर्ण है और यहां सर्व आदिवासी समाज के सभी लोग इकजुट होकर विश्व आदिवासी दिवस मनाते हैं। आज 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के इस अवसर पर शहर में भव्य रैली निकाली गई जिसमें रायगढ़ जिले की 42 जातियों के लोग शामिल हुए।जहां उन्होंने रैली के माध्यम से ना केवल विश्व आदिवासी दिवस मनाकर एकता का परिचय दिया बल्कि हाथों में काली पट्टी लगाकर मणिपुर में आदिवासी महिला के साथ घटित हुई घटना की पुनरावृत्ति ना होने,यूसीसी का विरोध जताने और आदिवासी समाज को मिले 32 प्रतिशत मिले आरक्षण पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ ना किए जाने जैसी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।साथ ही विश्व आदिवासी दिवस पर छुट्टी घोषित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया है।
विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सर्व आदिवासी समाज ने एकजुट होकर रायगढ़ शहर में बाजे गाजे के साथ भव्य रैली निकाली और एकता का परिचय दिया।जिसमें जिलेभर से अनुसूसित जाती जनजाति के तकरीबन 42 जातियों ने हिस्सा लिया। इस रैली की शुरुवात नटवर स्कूल मैदान से की गई दौरान समाज के युवा वर्ग के युवक युवती सभी अपने समाज के कल्चर की पोशाक पहने हुए थे छत्तीसगढ़ी संस्कृति परंपरा और आदिवासी संस्कृति, सभ्यता, परंपरा की मनमोहक झलक इस रैली में देखने को मिली साथ ही मणिपुर में आदिवासी महिला के साथ हुई घटना का विरोध जताते हुए हाथों में काली पट्टी भी बांधी गई रैली नटवर स्कूल मैदान से निकलकर शहर भ्रमण करते हुए नगर निगम ऑडिटोरियम पहुंची।जहां समाज के प्रमुखों द्वारा शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष यशवंत राज सिंह ने बताया कि शासन को अपनी कुछ प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें हमें जो 32 प्रतिशत का आरक्षण मिला है उसे वैसा ही रहने दिया जाए उसमे किसी प्रकार की छेड़छाड़ ना की जाए।जंगल जमीन ही किसानों का घर है उनसे वह छीना ना जाए यदि उससे उसका हक लिया जा रहा है तो उसके एवज में उसे नौकरी प्रदान की जाए।साथ ही यूसीसी पर विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति,खान पान,रीति रिवाज अपने हैं यूसीसी लागू कर उसे खतम ना किया जाए इन बिंदुओं पर ध्यान देने की मांग की गई है।

