March 24, 2026

खरसिया एवं रायगढ़ विकासखण्ड क्षेत्र के 318 पशुओं को लगाया गया रेडियम बेल्ट..की गई टैगिंग…

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नेशनल हाईवे पर पाये जाने वाले घुमन्तू पशुओं में रेडियम बैंड एवं टैगिंग के लिए चलेगा विशेष अभियानजिले में अब तक 2417 पशुओं में रेडियम बैंड, 2559 पशुओं में टैगिंग तथा 783 पशुओं को सड़कों से गौशाला व गौठान में किया गया विस्थापित

सामना:- रायगढ़:- कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर पशुओं से होने वाले सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिले में खुले में विचरण करने वाले पशुओं के गले में रेडियम बैंड एवं टैगिंग का कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। जिसके तहत राष्ट्रीय, राज्य राजमार्ग एवं प्रमुख मार्ग पर पाये जाने वाले घुमन्तु पशुओं के विस्थापन हेतु पशुधन विकास विभाग रायगढ़ द्वारा आगामी दिनों विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत राष्ट्रीय, राज्य राजमार्ग एवं प्रमुख मार्गो पर पाये जाने वाले घुमन्तु पशुओं को रेडियम बेल्ट एवं टैगिंग के साथ ही पशुपालकों को जागरूक भी किया जाएगा।
इसी कड़ी में बीते 24 अगस्त की रात्रिकाल में विकासखण्ड खरसिया के ग्राम-बरगढ़, छोटे देवगांव, बोतल्दा, चपले तथा खरसिया नगर, विकास खण्ड तमनार अंतर्गत ग्राम तमनार, धौराभांठा तथा रायगढ़ विकासखण्ड अंतर्गत ट्रांसपोर्टनगर आदि क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाया गया। जिसमें कुल 318 पशुओं को रेडियम बेल्ट पहनाया गया एवं टैगिंग किया गया। साथ ही विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा पशुपालकों को अपने पशुओं को खुले में नहीं छोडऩे हेतु जागरूक किया गया। जिले में आज अब तक कुल 2417 पशुओं में रेडियम बेल्ट लगाया गया है तथा 2559 पशुओं में टैगिंग किया गया है एवं 783 पशुओं को सड़कों से गौशाला, गौठान एवं अन्य जगहों पर विस्थापित किया गया है।
चलेगा विशेष अभियान
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 28 अगस्त से 3 सितम्बर 2023 तक राष्ट्रीय, राज्य राजमार्ग एवं प्रमुख मार्गो पर पाये जाने वाले घुमन्तु पशुओं को रेडियम बेल्ट लगाने एवं टैगिंग के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही विभाग द्वारा पशुपालकों के व्यवहार परिवर्तन हेतु ग्रामों, वार्डों में शिविर एवं कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, ताकि पशुपालकों को पशुओं के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं से अवगत कराते हुए उन्हें पशुओं को खुले में न छोडऩे तथा घर में ही बांधकर रखने हेतु आग्रह किया जा रहा है। जिससे सड़क दुर्घटनाओं के साथ ही पशुओं को भी सुरक्षित रखा जा सके।