May 14, 2026

स्कूल बचाओ संघर्ष मोर्चा का आंदोलन स्थगित… नटवर स्कूल के यथावत मसौदे पर सुखद पटाक्षेप..

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सामना न्यूज़:-रायगढ़:-स्कूल बचाओ संघर्ष मोर्चा ने नटवर स्कूल के अस्तित्व की लड़ाई पिछले 36 दिनों से अनिश्चित कालीन धरना आंदोलन के रूप में लड़ती आ रही थी इन 36 दिनों में प्रशासन और मोर्चा के सदस्यों के बीच वार्ता का दौर चलता रहा किन्तु हर वार्ता विफल ही रही।किन्तु कुछ दिनों पूर्व मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल को कलेक्टर महोदय ने वार्ता के लिए बुलवाया था उस वार्ता में प्रशासन के द्वारा नटवर स्कूल यथावत बने रहने का लिखित मसौदा राज्य शासन को भेजे जाने के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी।जिस मसौदे को प्रशासन ने कल मोर्चा के अध्यक्ष को भिजवाया और उस मसौदे के आधार
पर मोर्चा ने आंदोलन को स्थागित करने का फैसला लिया।
आंदोलन के दौरान विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनो ने मोर्चा को नटवर स्कूल बचाने को लेकर अपना समर्थन दिया और लड़ाई को अनवरत जारी रखने में हौसला बढ़ाया। आंदोलन में कई कार्यक्रम जैसे पुतला जलाना, रैली करना,जनजागरूकता के लिए पाम्पलेट का वितरण तमाम तरह के आयोजन भी समय समय पर प्रशासन को चेतावनी देने के लिए किए जाते रहे।
इस आंदोलन में नटवर स्कूल के छात्रों का विशेष योगदान रहा ये छात्र हर दिन धरना स्थल पर आकर अपनी सहभागिता दर्ज करवाते रहे है।
आदिवासी समाज ने भी इस आंदोलन को पूरी मजबूती से अपने राजा नटवर सिंह जी की स्मारक को बचाने में ताकत लगाई।
जंहा एक ओर हर राजनीतिक संगठन हमे सहारा दे रहा था चाहे भाजपा हो बसपा हो किसान मोर्चा हो छात्र संगठन हो या फिर युवा संकल्प के साथी हो वही दूसरी ओर स्थानीय विधायक ने निराश किया आंदोलन और छात्रों की मांगों को जानना तो दूर की बात रही उनके निवास जाकर जब संघर्ष मोर्चा के साथियों और नटवर स्कूल के छात्रों ने उनसे इस स्कूल को बचाने को लेकर पहल करने का निवेदन किया तब भी उन्हें 36 दिनों तक चले इस आंदोलन को लेकर कोई गम्भीरता नहीं दिखाई।
स्कूल बचाओ संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष व राज परिवार के वारिस देवेंद्र प्रताप सिंह जी महासचिव व नेता प्रतिपक्ष पूनम सोलंकी,प्रवक्ता व काँग्रेस के सयुक्त सचिव जयंत बोहिदार जी,सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष बी एस नागेश जी,तमाम संघर्ष मोर्चा के साथियों ने अनवरत इस लड़ाई को 36 दिनों तक जारी रखा और उसके परिणाम तक पहुचाया ।हम सभी साथियों का आभार व्यक्त करते है जिन्होंने इस आंदोलन को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से समर्थन दिया।

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