March 8, 2026

आज से खाद्य पदार्थों पर “GST” की नई दरें लागू…देश में पहली बार आटा-पनीर-दही जीएसटी के दायरे में…व्यापारी संगठन ने किया विरोध…

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सामना न्यूज:- देश में आज से रोजमर्रा की कई चीजों के दाम बढ़ चुके हैं।पैक्ड दही, लस्सी, छाछ, पनीर, आटा और चावल को सरकार ने 5 फीसदी जीएसटी फैसला किया है। यह पहली बार है जब देश में दही, लस्सी, छाछ और पनीर जैसी चीजों को जीएसटी के दायरे में लाया गया है जिसे लेकर आम जनता ही नहीं व्यापारी जगत भी केंद्र सरकार के इस फैसले से नुकसान में है।खाद्य पदार्थों में लगे जीएसटी फैसले को गलत बताते हुए व्यपारी संग़ठन इसका विरोध कर रहा है।26 जुलाई को भोपाल में जीएसटी को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बैठक हैं जिसमें आगे की रणनीति बनाई जाएगी। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स भी इस बैठक में शामिल होगा।छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स की मांग हैं कि यदि जीएसटी लगना चाहिए तो व्यपारियों को समय दे ताकि सभी GST नम्बर ले सके।इसी तरह 5,000 रुपये से अधिक किराये वाले अस्पताल के कमरों पर भी अब जीएसटी देना पड़ेगा। इसके अलावा 1,000 रुपये प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल के कमरों पर 12 फीसदी की दर से कर लगाने की बात कही गई है।

  • दही, लस्सी, छाछ (5% जीएसटी)
  • पनीर (5% जीएसटी)
  • सभी प्रकार का गुड़ (5% जीएसटी)
  • खांडसारी चीनी (5% जीएसटी)
  • शहद (5% जीएसटी)
  • चावल, राई, जौ, जई (5% जीएसटी)
  • आटा (5% जीएसटी)
  • नारियल पानी (12% जीएसटी)
  • चावल का आटा (5% जीएसटी)

जीएसटी पर छूट तभी मिलेगी जब सिंगल पैकेट का वजन 25 किलो से अधिक होगा। यदि कोई खुदरा दुकानदार 25 किलोग्राम के पैकट को सीधे वितरक या प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी से खरीदता है और खुदरा मात्रा में बेचता है. ऐसी स्थिति में ग्राहकों को जीएसटी नहीं देना होगा।

आपकी जेब पर बढ़ेगा बोझ:-अगर आप 10 किलो के आटा का पैकेट बाजार से खरीदते हैं, तो आपको तय कीमत पर 5 फीसदी जीएसटी जोड़कर भुगतान करना पड़ेगा।मान लीजिए कि 10 किलो आटा की कीमत बाजार में 345 रुपये है, तो आपको इस कीमत पर 5 फीसदी जीएसटी देना होगा. ऐसे में 10 किलो आटा की कीमत में 17.25 रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी और आपको इसके लिए 362 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा।हालांकि, खुले में बिकने वाले बिना ब्रांड वाले उत्पादों पर जीएसटी छूट जारी रहेगी।