17 कांग्रेसी पार्षदों ने दिया सामूहिक इस्तीफा…कल मिलेंगे प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम से.. कांग्रेस वर्सेज़ कांग्रेस से क्या शहर सरकार की मुसीबतें बढ़ेंगी?…
सामना न्यूज़:-रायगढ़:-बीते माह 10 जनवरी को नगर निगम में अतिक्रमण हटाने के नाम पर ज़िला महिला कांग्रेस अध्यक्ष बरखा सिंह व कांग्रेस पार्षद संजना शर्मा के मध्य हुए विवाद का मामला जांच कमेटी और आलाकमान के फ़ैसले पर जा टिका था। इस विवाद में सभापति जयंत ठेठवार,वरिष्ठ पार्षद सलीम नियारिया,पार्षद संजना शर्मा समेत कांग्रेस के एक बड़े धड़े द्वारा बरखा सिंह को बर्खास्त करने की मांग प्रदेश स्तर तक जा पहुंची। इस संबंध में जांच कमेटी का गठन भी किया गया।जिसमें गठित कमेटी द्वारा जांच की रिपोर्ट पेश कर इस मसले पर अंतरिम फैसला तय किया जाना था
लेकिन इस मामले में आगे कार्रवाई ना होते देख नाराज़ कांग्रेस पार्षदों ने इस संबंध में प्रेसवार्ता कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के नाम सामूहिक इस्तीफे की पेशकश की।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम को सौपेंगे इस्तीफे की कॉपी– करीब दर्जन भर से अधिक कांग्रेसी पार्षद आए संजना शर्मा के सपोर्ट में:– इस मामले में कांग्रेस के कुल 17 पार्षद (छः एमआईसी सदस्य )संजना शर्मा के सपोर्ट में मैदान में उतर आए हैं सभी कांग्रेस महिला जिलाध्यक्ष के निष्कासन को लेकर संजना के पक्ष में अपनी रणनीति तैयार कर चुके हैं। कल रायपुर जाकर प्रदेश अध्यक्ष मोहन के समक्ष अपना इस्तीफा सौपेंगे।
पार्षद संजना शर्मा:- मेरे साथ घटित दुर्र्व्यवहार से मेरे सम्मान को ठेस पहुंची है जिससे मैं व्यथित हूं जैसा कि मैंने पूर्व में भी कहा था कि इस घटना के संबंध में पार्टी आलाकमान द्वारा मेरे साथ न्याय करते हुए बरखा सिंह को निष्कासित नहीं किया गया तो मैं कांग्रेस से अपना इस्तीफा दूंगी और अब तक बरखा सिंह के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई है आज इसलिए मैंने अपना इस्तीफा दे दिया गया है।
वरिष्ठ पार्षद सलीम नियारिया:– इस घटना की जांच के लिए गठित कमेटी द्वारा अब तक सार्थक निर्णय नहीं लिया गया साथ ही इस घटना से जनता में पार्टी के प्रति नकारात्मक संदेश जा रहा था इसलिए हमने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। हमारी लड़ाई
व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि पार्टी के सम्मान के लिए है और हमारा आग्रह है कि कांग्रेस पार्टी भविष्य में भी बरखा सिंह जैसे किसी भी व्यक्ति को पार्टी में सदस्य ना बनाए।
महिला ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष बरखा सिंह:– संजना शर्मा व मेरे बीच हुआ विवाद दरअसल बरसों पुराना पारिवारिक मुद्दा है जिसके आधार पर इसे तूल दिया जा रहा है। पूर्व में इस संबंध में मैंने गठित कमेटी के समक्ष अपनी बात रखी थी और आवेश में आकर किए दुर्र्व्यवहार के लिए संजना से माफी भी मांगी थी। अब सामूहिक इस्तीफे या मेरे निष्कासन को लेकर पार्टी के आलाकमान का जो भी फैसला होगा वो मुझे मंजूर होगा।
महापौर जानकी काट्जू ने बनाई दूरी:–इधर इस मामले में महापौर जानकी काट्जू ने दूरी बनाये रखी।पार्षदों द्वारा रखे गए प्रेसवार्ता की सूचना उन्हें आधिकारिक तौर पर नहीं दी गई थी।इससे पार्षदों और महापौर के मध्य तनाव की स्थिति साफ़तौर पर महसूस की जा सकती है। कांग्रेस के 17 पार्षदों जिनमे 6 सदस्य एमआईसी भी शामिल हैं के सामूहिक इस्तीफे से शहर सरकार की मुसीबतें बढ़ती नज़र आ रही हैं।
बहरहाल,यह मामला अब प्रदेश स्तर पर जा चुका है। कांग्रेस पार्टी द्वारा इतने बड़े इस्तीफे को स्वीकार करना नामुमकिन है लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि …क्या यह मामला वाकई बरखा सिंह के निष्कासन पर ही समाप्त होगा??…या.. इसमें सुलह-समझौते की तर्ज पर विराम चिन्ह लगेगा..?

